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नाम जपने का परिणाम

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नमस्कार मित्रो मेरा नाम हैं, शशांक भारद्वाज और आपका हमारे ब्लॉग Hindi Gyan Blogger में स्वागत है। आज हम आपको महत्वपूर्ण लेख के बारे में बताएंगे, जिसको पढ़कर आपको ज्ञान की प्राप्ति होगी एक गाँव में एक वृद्ध स्त्री रहती थीं, उसका कोई नहीं था। वो गोबर के उपले बना कर बेचती थी और उसी से अपना गुजारा चलाती थीं। वह कृष्ण जी की भक्त थीं,  उठते बैठते वह कृष्ण नाम का जाप किया करती थीं ओर यही उस स्त्री की विशेषता थी। यहाँ तक उपले बनाते समय उस गाँव के कुछ दुष्ट लोग, उस की भक्ति का उपहास करते थे।  एक बार उन दुष्टों ने रात को उस वृद्ध स्त्री के सारे उपले चुरा लिए और आपस में कहने लगे कि अब देखेंगे कि कृष्ण जी कैसे इसकी सहयता करते हैं। सुबह जब वह उठीं तो वह क्या देखती है? कि उसके सारे उपले किसी ने चुरा लिए है, वे मन ही मन हंसने लगी और अपने कान्हा को कहने लगीं।  “पहले माखन चुराता था और मटकी फोड़ कर गोपियों को सताता था, अब इस बुढ़िया के उपले छुपा कर मुझे सताता है। ठीक है! जैसी तेरी इच्छा” यह कह उसने अगले दिन के लिए उपले बनाना आरंभ कर दिये। दोपहर हो गयी तो उसे भूख लग गयी, पर घर मे...

दो सत्य कथाऐं ; पढ़ने के बाद आप भी अपनी ज़िंदगी जीने का अंदाज़ बदल देंगे

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नमस्कार मित्रो मेरा नाम हैं, शशांक भारद्वाज और आपका हमारे ब्लॉग Hindi Gyan Blogger में स्वागत है। आज हम आपको महत्वपूर्ण लेख के बारे में बताएंगे, जिसको पढ़कर आपको ज्ञान की प्राप्ति होगी   दो सत्य कथाऐं ; पढ़ने के बाद आप भी अपनी ज़िंदगी जीने का अंदाज़ बदल देंगे पहली कथा दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति बनने के बाद ऐक बार नेल्सन मांडेला अपने सुरक्षा कर्मियों के साथ एक रेस्तरां में खाना खाने गए। सबने अपनी अपनी पसंद का खाना आर्डर किया और खाना आने का इंतजार करने लगे। उसी समय मांडेला की सीट के सामने वाली सीट पर एक व्यक्ति अपने खाने का इंतजार कर रहा था। मांडेला ने अपने सुरक्षा कर्मी से कहा कि उसे भी अपनी टेबल पर बुला लो। ऐसा ही हुआ। खाना आने के बाद सभी खाने लगे, *वो आदमी भी अपना खाना खाने लगा, पर उसके हाथ खाते हुए कांप रहे थे।* खाना खत्म कर वो आदमी सिर झुका कर रेस्तरां से बाहर निकल गया। उस आदमी के जाने के बाद मंडेला के सुरक्षा अधिकारी ने मंडेला से कहा कि वो व्यक्ति शायद बहुत बीमार था, खाते वख़्त उसके हाथ लगातार कांप रहे थे और वह ख़ुद भी कांप रहा था। मांडेला ने कहा नहीं ऐसा ...

सेवादान से आनंद

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नमस्कार मित्रो मेरा नाम हैं, शशांक भारद्वाज और आपका हमारे ब्लॉग Hindi Gyan Blogger में स्वागत है। आज हम आपको महत्वपूर्ण लेख के बारे में बताएंगे, जिसको पढ़कर आपको ज्ञान की प्राप्ति होगी ।।  क्या आपको भी सेवादान से आनंद आता हैं तो ये कहानी आप के लिए है जापान में एक झेन फकीर को कुछ मित्रों ने भोजन पर बुलाया था। सातवीं मंजिल के मकान पर भोजन कर रहे हैं, अचानक भूकंप आ गया। सारा मकान कांपने लगा। भागे लोग। कोई पच्चीस-तीस मित्र थे। सीढ़ियों पर भीड़ हो गयी। जो मेजबान था वह भी भागा। लेकिन भीड़ के कारण अटक गया दरवाजे पर। तभी उसे ख्याल आया कि मेहमान का क्या हुआ? लौटकर देखा, वह झेन फकीर आंख बंद किये अपनी जगह पर बैठा है जैसे कुछ हो ही नहीं रहा! मकान कंप रहा है, अब गिरा तब गिरा। लेकिन उस फकीर का उस शांत मुद्रा में बैठा होना, कुछ ऐसा उसके मन को आकर्षित किया, कि उसने कहा,अब जो कुछ उस फकीर का होगा वही मेरा होगा। रुक गया। कंपता था, घबड़ाता था, लेकिन रुक गया। भूकंप आया, गया। कोई भूकंप सदा तो रहते नहीं। फकीर ने आंख खोली, जहां से बात टूट गयी थी भूकंप के आने से, वहीं से बात शुरू की। लेकिन ...

सामान्य प्रश्नोत्तर

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नमस्कार मित्रो मेरा नाम हैं, शशांक भारद्वाज और आपका हमारे ब्लॉग Hindi Gyan Blogger में स्वागत है। आज हम आपको महत्वपूर्ण लेख के बारे में बताएंगे, जिसको पढ़कर आपको ज्ञान की प्राप्ति होगी आज हम आपको General Knowledge के कुछ सवाल बतायेगे which is very important for you..  पोगल किस राज्य का त्योहार हैं?-------तमिलनाडू गिद्धा और भंगड़ा किस राज्य के लोक नृत्य हैं? -------पंजाब टेलीविजन का आविष्कार किसने किया?------जॉन लोगी बयर्ड भारत की पहली महिला शासिका कौन थी?----- रजिया सुल्तान मछली किसकी सहायता से सॉस लेती है?------- गलफड़ों से ‘इंकलाब जिंदाबाद’ का नारा किसने दिया?------ भगत सिंह ने जलियावाला बाग हत्याकांड कब व कहॉ हुआ?------1919 ई. अमृतसर 1939 ई. में कांग्रेस छोड़न के बाद सुभाषचंद्र बोस ने किस दल की स्थापना की?---- फारवड ब्लॉक पंजाब केसरी’ किसे कहा जाता है?----- लाला लाजपत राय साडर्ंस की हत्या किसने की थी?-----भगत सिहं 1857 ई. के विद्रोह में किसनें अपना बलिदान सबसें पहले दिया?----- मंगल पांडे भारत की पहली महिला राज्यपाल कौन थी?---- सरोजनी नायडू माउन्ट एवेरेस्...

सफलता का रहस्य

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नमस्कार मित्रो मेरा नाम हैं, शशांक भारद्वाज और आपका हमारे ब्लॉग Hindi Gyan Blogger में स्वागत है। आज हम आपको महत्वपूर्ण लेख के बारे में बताएंगे, जिसको पढ़कर आपको ज्ञान की प्राप्ति होगी तो क्या आप भी जानना चाहतें है कि सफलता का रहस्य क्या है तो ये कहानी आप के लिए हैं  एक बार एक नौजवान लड़के ने सुकरात से पूछा कि सफलता का रहस्य क्या है? सुकरात ने उस लड़के से कहा कि तुम कल मुझे नदी के किनारे मिलो. वो मिले. फिर सुकरात ने नौजवान से उनके साथ नदी की तरफ बढ़ने को कहा और जब आगे बढ़ते-बढ़ते पानी गले तक पहुँच गया, तभी अचानक सुकरात ने उस लड़के का सर पकड़ के पानी में डुबो दिया. लड़का बाहर निकलने के लिए संघर्ष करने लगा , लेकिन सुकरात ताकतवर थे और उसे तब तक डुबोये रखे जब तक की वो नीला नहीं पड़ने लगा. फिर सुकरात ने उसका सर पानी से बाहर निकाल दिया और बाहर निकलते ही जो चीज उस लड़के ने सबसे पहले की वो थी हाँफते-हाँफते तेजी से सांस लेना. सुकरात ने पूछा ,” जब तुम वहाँ थे तो तुम सबसे ज्यादा क्या चाहते थे?” लड़के ने उत्तर दिया,”सांस लेना” सुकरात ने कहा,” यही सफलता का रहस्य है. जब तुम ...

मूल्यवान समय

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नमस्कार मित्रो मेरा नाम हैं, शशांक भारद्वाज और आपका हमारे ब्लॉग Hindi Gyan Blogger में स्वागत है। आज हम आपको महत्वपूर्ण लेख के बारे में बताएंगे, जिसको पढ़कर आपको ज्ञान की प्राप्ति होगी   तो क्या आपको भी लगता हैं कि समय बहुत मूल्यवान हैं तो आपको यह कहानी जरूर पढनी चाहिए। किसी सार्वजनिक संस्था के दाक सदस्य चर्चा के लिए गांधीजी के पास वर्धा पहुँचे। बातचीत में गाँधीजी को लगा कि छोटे से काम के लिए दो व्यक्तियों का उनके पास आना उचित नहीं है। गांधीजी से रहा न गया और दोनों से कह दिया ‘आप दोनों को तीन दिन रहने की जरूरत नहीं हैं। कोई एक व्यक्ति वापस लौट जाए।‘ दोनों आंगतुक एक-दूसरे की शक्ल देखते रह गए। गांधीजी ने उन्हें समझाते हुए कहा- 'समय का अपव्यय करना सर्वथा अनुचित है। जिस समय एक व्यक्ति यहाँ काम कर रहा होगा, दूसरा व्यक्ति वापस जाकर वहाँ और कोई काम कर सकता है।' समय के इस महत्व को जानने के बाद वे लोग अपनी गलती समझ गए और उनमें से एक व्यक्ति फौरन वापस चला गया। निष्कर्षः यदि आप जीवन से प्रेम करते हैं तो समय को व्यर्थ ही नगवाएं, क्योंकि जीवन समय से बनता है और वह भी हर...

विनम्रता का परिचय

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नमस्कार मित्रो मेरा नाम हैं, शशांक भारद्वाज और आपका हमारे ब्लॉग Hindi Gyan Blogger में स्वागत है।  आज हम आपको महत्वपूर्ण लेख के बारे में बताएंगे, जिसको पढ़कर आपको ज्ञान की प्राप्ति होगी तो दोस्तों क्या आप को भी लगता है की हमारे जीवन में विनम्रता की ज़रूरत है तो ये कहानी आप के लिए है तो आइये इसे पढ़ते है लोकतंत्र के महान समर्थक अब्राहम लिंकन एक बार अपने गांव के नजदीक एक जनसभा को संबोधित कर रहे थे। भाषण के बीच एक महिला खड़ी होकर बोली - 'अरे, यह राष्ट्रपति है? यह तो हमारे गांव के मोची का लड़का है।' अपने प्रति ये अपमानजनक शब्द सुनकर लिंकन ने बड़े ही विनम्र शब्दों में उस महिला से कहा, 'मैडम! टापने बहुत अच्छा किया जो उपस्थ्ति जनता से मेरा यथार्थ परिचय करा दिया, मैं वही मोची का बेटा हूँ। क्या मैं आपसे एक बात पूछ सकता हूँ? 'अवश्य', उस महिला ने कहा। तब लिंकन ने पूछा - 'क्या आप यह बताने का कष्ट करेंगी कि मेरे पिताजी ने आपके जूते आदि तो ठीक तरह से मरम्मत किए थे न? आपको उनके कार्य में कोई शिकायत तो नहीं मिली।' उस महिला ने सफाई देते हुए कहा - 'नहीं, नहीं, उ...