मूल्यवान समय

नमस्कार मित्रो मेरा नाम हैं, शशांक भारद्वाज और आपका हमारे ब्लॉग Hindi Gyan Blogger में स्वागत है। आज हम आपको महत्वपूर्ण लेख के बारे में बताएंगे, जिसको पढ़कर आपको ज्ञान की प्राप्ति होगी 
 तो क्या आपको भी लगता हैं कि समय बहुत मूल्यवान हैं तो आपको यह कहानी जरूर पढनी चाहिए। किसी सार्वजनिक संस्था के दाक सदस्य चर्चा के लिए गांधीजी के पास वर्धा पहुँचे। बातचीत में गाँधीजी को लगा कि छोटे से काम के लिए दो व्यक्तियों का उनके पास आना उचित नहीं है। गांधीजी से रहा न गया और दोनों से कह दिया ‘आप दोनों को तीन दिन रहने की जरूरत नहीं हैं। कोई एक व्यक्ति वापस लौट जाए।‘ दोनों आंगतुक एक-दूसरे की शक्ल देखते रह गए। गांधीजी ने उन्हें समझाते हुए कहा- 'समय का अपव्यय करना सर्वथा अनुचित है। जिस समय एक व्यक्ति यहाँ काम कर रहा होगा, दूसरा व्यक्ति वापस जाकर वहाँ और कोई काम कर सकता है।' समय के इस महत्व को जानने के बाद वे लोग अपनी गलती समझ गए और उनमें से एक व्यक्ति फौरन वापस चला गया। निष्कर्षः यदि आप जीवन से प्रेम करते हैं तो समय को व्यर्थ ही नगवाएं, क्योंकि जीवन समय से बनता है और वह भी हर क्षण से- क्षण-क्षण से बनता है जीवन जैसे जल-बूंदी से सागर। इस जीवन का कोई छोर नहीं सो बहा चले जैसे सागर। जो लोग दुनिया में आगे बढ़े हैं, उन्होंने फुर्सत के समय को भी कभी व्यर्थ न जाने दिया। उन्होंने अच्छा साहित्य पढ़कर अपना बौद्धिक सुधार किया और अच्छे साहित्य का सृजन किया। पंडित जवाहरलाल नेहरू ने अपनी जेल-यात्रा के दौरान 'Discovery of India' की रचना की और अपनी बेटी प्रियदर्शिनी (इंदिरा गांधी) का ज्ञान पत्राचार के माध्यम से बढ़ाया। उम्मीद है की आपको ये पोस्ट पसंद आयी होगी तो प्लीज कमैंट्स करके हमें ज़रूर बताये की आपको हमारी पोस्ट कैसे लगी हमारी पोस्ट पढने के लिए आपका बहुत बहुत धन्यवाद अगर आप हमसे जुडना चाहते हैं तो हमारी instagram आइडी -- https://www.instagram.com/xmarty.shashank को follow करें धन्यवाद।।

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